अभ्यास१)उत्तेिजत मन को शांत करेंएक गहरी सांस लीिजए।फू त लाने के लआराम के लए चंता या घबराहट के लए|कोमल ध्यान १)उत्तेिजत मन को शांत करें रु कए अपने आप से पू छए क आप कहाँ हैं। अपने शरीर को सहज और शांत होने दें। सांसों के स्पश को महसूस करें। शरीर पर वश्वास करें। सांस पर वश्वास करें। स्वयं पर वश्वास क १)उत्तेिजत मन को शांत करें Amrith Jayan एक गहरी सांस लीिजए। अपने शरीर पर ध्यान दें। बना प्रयास के सहज रूप से धीरे सांस। कुछ बार दोहराइए। थोड़ी देर ठह रए। फर से दोहराइए। अभी आप कहाँ हैं? एक गहरी सांस लीिजए। Amrith Jayan सफू त लाने के लए अपने समपूण कद में खड़े हों जाएं| सांस बाहर छोड़ें फर से सांस छोड़ते हु ए अपने हाथों को ऊपर की ओर फै लाएं। अपने हाथों को दोनों ओर फै लाएं। धीरे और सहजता से शवास छोड़ें। धीरे -धीरे एक जगह पर दौड़ें,गद न और कं धों को सहज और ढीला रखें । हल के-हलकेहवा में कूदें , और उछलते समय अपने पूरे शरीर को ऊजा से भरने दें। सफू त लाने के लए Amrith Jayan आराम के लए अपनी पीठ केबल लेट जाएं, सर केनीचे एक छोटा त कया रखें और घुटनों को मोड़कर रखें । अपने हाथों को अपनी पस लयों पर रखें । सांस छोड़ें। फर से सांस छोड़ें। अपने शरीर को फश पर ढीला छोड़ दें । सांस छोड़ें।अपने शरीर को उसकी स्वाभा वक लय को महसूस करने दें। इस अवस्था में 5 से 15 मनट तक लेटे रहें। स्वयं को शांत िस्थर होने दें। आराम के लए Amrith Jayan चंता या घबराहट के लए| रु कए जो आप महसूस कर रहे हैं,उस अनुभव को एक नाम दें। अपने शरीर को िजतना हो सके, ढीला छोड़ दें। फर से छोड़ें। अपनी गद न को ढीला कर।ें अपने कंधों को ढीला कर।ें अपनी सांस को धीमी और गहरी होने दें। तीन तक गनते हुए सांस अंदर लें, और पाँच तक गनते हुए सांस बाहर छोड़ें। ऐसा तीन बार कर।ें रु कये अपने शरीर को ढीला छोड़ दें।तीन तक गनते हुए सांस अंदर लें, और पाँच तक गनते हुए सांस बाहर छोड़ें। ऐसा तीन बार कर।ें चंता या घबराहट के लए| Amrith Jayan कोमल ध्यान अपने चेहरे को धीर-े धीरे नरम और शांत होने दें। अपनी सांस को सहज होने दें। अपनी दृि ट को कोमल कर।ें इस कोमल दृि ट से संसार को नहारें। सांस छोड़ें और एक नई नजर से संसार को नहारें। कोमल ध्यान Amrith Jayan